देश में जब भी सहकारी सफलता की मिसाल दी जाती है, सबसे पहला नाम अमूल का ही आता है। गुजरात के आणंद में 14 दिसंबर 1946 को शुरू हुई यह सहकारी संस्था आज 3.6 करोड़ किसान परिवारों की आजीविका से जुड़ी है और भारत को दूध उत्पादन में दुनिया में पहले नंबर पर पहुंचाने वाली “श्वेत क्रांति” की जड़ बनी।
शुरुआत कैसे हुई
आजादी से पहले खेड़ा जिले के दूध उत्पादक निजी व्यापारियों से बेहद कम दाम पर दूध बेचने को मजबूर थे। किसान नेता त्रिभुवनदास पटेल की अगुवाई में इन उत्पादकों ने मिलकर “कैरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन” की स्थापना की। बाद में 1949 में डेयरी इंजीनियर के तौर पर जुड़े वर्गीज कुरियन ने इस सहकारी मॉडल को नई ऊंचाई दी और आगे चलकर “श्वेत क्रांति के जनक” कहलाए। इसी दौरान एच.एम. दलाया की खोज — भैंस के दूध से स्किम्ड मिल्क पाउडर बनाने की तकनीक — ने भारतीय डेयरी उद्योग की दिशा ही बदल दी।
आणंद पैटर्न — तीन स्तरों की संरचना
अमूल की सफलता के पीछे इसका तीन-स्तरीय सहकारी ढांचा है, जिसे “आणंद पैटर्न” के नाम से जाना जाता है। गांव स्तर पर दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां किसानों से सीधे दूध खरीदती हैं, जिला स्तर पर सहकारी संघ इसे प्रोसेस करते हैं, और राज्य स्तर पर गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) पूरे देश और विदेश में इसकी मार्केटिंग करता है। इस मॉडल की खासियत यह है कि मुनाफे का बड़ा हिस्सा सीधे दूध उत्पादक किसान तक पहुंचता है, न कि बिचौलियों की जेब में जाता है।
ऑपरेशन फ्लड और राष्ट्रीय विस्तार
1970 में शुरू हुए “ऑपरेशन फ्लड” कार्यक्रम के तहत आणंद पैटर्न को पूरे भारत में दोहराया गया। इसी कार्यक्रम ने भारत को दूध की कमी वाले देश से दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश में बदल दिया। आज गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ का सालाना कारोबार लगभग 90,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, और यह हजारों गांव स्तर की सहकारी समितियों का प्रतिनिधित्व करता है।
अन्य सहकारी संस्थाओं के लिए सीख
अमूल की कहानी बताती है कि छोटे उत्पादकों को संगठित कर, पारदर्शी मूल्य-निर्धारण और पेशेवर प्रबंधन के साथ सहकारी ढांचा कितना ताकतवर बन सकता है। देश की अन्य दुग्ध, कृषि विपणन और उपभोक्ता सहकारी समितियां आज भी इसी आणंद पैटर्न से प्रेरणा लेती हैं।
स्रोत एवं संदर्भ
- Wikipedia — Amul (Kaira District Co-operative Milk Producers’ Union)
- Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation (GCMMF) — आधिकारिक जानकारी
- NCBA CLUSA एवं अन्य सहकारी शोध लेख — Anand Pattern एवं Operation Flood
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