हरियाणा में Cooperative Marketing-cum-Processing Societies यानी CMPS किसानों की उपज को सीधे बाज़ार से जोड़ने का काम करती हैं. थानेसर और रानिया जैसी मार्केटिंग सोसाइटी इसके उदाहरण हैं. ये समितियां खरीद, भंडारण और बिक्री तीनों काम संभालती हैं. मार्केटिंग सोसाइटी किसानों को बिचौलियों से बचाने में मदद करती हैं. उपज का सही दाम सीधे किसान तक पहुंचता है. स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इससे मज़बूती मिलती है. HAFED जैसी बड़ी फेडरेशन के साथ मिलकर ये समितियां खरीद अभियान चलाती हैं. सरकारी योजनाओं का फायदा भी इन्हीं के ज़रिए किसानों तक पहुंचता है. काम में पारदर्शिता एक बड़ी चुनौती रहती है. यह सेक्शन मार्केटिंग सोसाइटी से जुड़ी नीतियों और कामकाज की खबरें लाता है. स्थानीय स्तर के मुद्दे भी यहां कवर होते हैं. Sahakar Watch पर मार्केटिंग सोसाइटी से जुड़ी हर रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित होती है. किसानों पर इसका असर क्या है, यह भी हम बताते हैं.