CM-PACS

CM-PACS सेक्शन में सहकारी समिति शुरू करने और चलाने से जुड़ी हर व्यावहारिक जानकारी मिलती है. रजिस्ट्रेशन से लेकर बाय-लॉज़ तक की प्रक्रिया यहां सरल भाषा में समझाई जाती है. नई समितियां अक्सर जो गलतियां करती हैं, उन्हें भी यहां उजागर किया जाता है. टैक्स और ऑडिट से जुड़े सवाल हर CM-PACS के लिए अहम होते हैं. धारा 80P के तहत मिलने वाली छूट को यहां विस्तार से समझाया जाता है. हिसाब-किताब और ऑडिट के बुनियादी नियम भी कवर होते हैं. GST और म्यूचुअलिटी जैसे उलझे कानूनी सवाल भी अक्सर सामने आते हैं. अपने ही सदस्यों को बेचने पर GST लगता है या नहीं, यह सवाल यहां समझाया गया है. रिज़र्व फंड और मुनाफे के बंटवारे का नियम भी यहां मिलेगा. समिति बंद करने या बाय-लॉज़ में बदलाव की प्रक्रिया भी इसी सेक्शन में मिलती है. हर कदम को कानूनी नज़रिए से जांचा जाता है. Sahakar Watch पर CM-PACS से जुड़ी हर जानकारी व्यावहारिक सलाह के तौर पर दी जाती है. सदस्यों और पदाधिकारियों के काम आने वाली हर बात यहां मिलेगी.

CM-PACS के बाय-लॉज़ में बदलाव या सोसाइटी बंद करने की प्रक्रिया क्या है?

CM-PACS के बाय-लॉज़ में बदलाव, नई गतिविधि जोड़ने, सोसाइटियों के विलय और सोसाइटी बंद करने की कानूनी प्रक्रिया — धारा...

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CM-PACS रजिस्ट्रेशन से पहले ये 10 चीज़ें तैयार रखें — पूरी दस्तावेज़ चेकलिस्ट

CM-PACS का आवेदन जमा करने से पहले कौन-कौन से दस्तावेज़ और तैयारियां चाहिए — सदस्यों की संख्या से लेकर बाय-लॉज़...

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हरियाणा में CM-PACS और नई सुविधाओं की घोषणाएं, लेकिन बजट दस्तावेज़ बताते हैं: 804 में से सिर्फ 33 PACS मुनाफे में

पंचकूला में हार्को बैंक के प्लेटिनम कार्ड, वीटा बूथ और 500 CM-PACS के लक्ष्य की घोषणा हुई थी। लेकिन हरियाणा...

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CM-PACS क्या है? हरियाणा की नई सहकारी समिति से गांव में कौन-कौन से काम शुरू किए जा सकते हैं, पूरी जानकारी

सिर्फ खाद-बीज और कर्ज़ तक सीमित पुरानी PACS से आगे बढ़कर हरियाणा सरकार ने एक ऐसी सहकारी समिति का मॉडल...

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