अगर आपके गांव या पंचायत-क्लस्टर के लोग CM-PACS बनाने का मन बना चुके हैं और अब असली सवाल है कि आवेदन से पहले हाथ में क्या-क्या होना चाहिए, तो यह चेकलिस्ट आपके लिए है। हमने पिछली पोस्ट में रजिस्ट्रेशन की पूरी कानूनी प्रक्रिया बताई थी — यहां उसी प्रक्रिया को दस्तावेज़ों और तैयारियों के हिसाब से 10 आसान बिंदुओं में बांट रहे हैं, ताकि आवेदन से पहले कुछ भी छूटे नहीं।
1. कम से कम 11 आवेदक, 5 अलग-अलग परिवारों से
हरियाणा सहकारी सोसाइटी नियम, 1989 की नियम 4 के मुताबिक सोसाइटी में कम से कम 5 परिवारों के लोग होने चाहिए। अधिनियम की धारा 7 के मुताबिक किसी भी सामान्य प्राइमरी सोसाइटी के लिए आवेदन पर कम से कम 10 योग्य व्यक्तियों के हस्ताक्षर ज़रूरी हैं, लेकिन CM-PACS के लिए हरियाणा सहकारिता विभाग ने यह न्यूनतम संख्या 11 तय की है। यानी सिर्फ दस्तखत जुटाना काफी नहीं, आवेदकों की संख्या कम से कम 11 होनी चाहिए और यह भी देखना ज़रूरी है कि वे कम से कम 5 अलग-अलग घरों से आते हों।
2. हर आवेदक का पहचान और पते का प्रमाण
आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे पहचान दस्तावेज़ और पते का प्रमाण हर आवेदक के पास तैयार होना चाहिए, क्योंकि इंस्पेक्टर के फील्ड वेरिफिकेशन में यही सबसे पहले जांचा जाता है।
3. परिवार पहचान पत्र और CIBIL जानकारी
हमारे CM-PACS क्या है? वाले लेख में बताया गया था कि सदस्यता आवेदन के साथ KYC देना ज़रूरी है, जिसमें परिवार पहचान पत्र और CIBIL की जानकारी शामिल है। रजिस्ट्रेशन के लिए भी शुरुआती आवेदकों को यह पहले से तैयार रखना बेहतर रहता है।
4. किसान सदस्यों के लिए MFMB रजिस्ट्रेशन
अगर आवेदकों में किसान शामिल हैं, तो ज़्यादातर मामलों में होते ही हैं, तो उनका मेरा फसल मेरा ब्यौरा (MFMB) रजिस्ट्रेशन नंबर भी साथ रखना चाहिए। मॉडल बाय-लॉज़ में यह किसान सदस्यों के लिए अनिवार्य बताया गया है।
5. ज़मीन के दस्तावेज़, जहां लागू हो
सदस्यता की एक शर्त यह भी है कि आवेदक के पास 5 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन न हो। इसलिए जिन आवेदकों की भूमिका खेती से जुड़ी गतिविधियों में होगी, उनके ज़मीन के दस्तावेज़ भी तैयार रखने चाहिए।
6. प्रस्तावित सोसाइटी का नाम और कार्यक्षेत्र
आवेदन में सोसाइटी का प्रस्तावित नाम और कार्यक्षेत्र (area of operation) साफ-साफ बताना होता है — यह किसी एक गांव तक सीमित हो सकता है या कई गांवों-पंचायतों के क्लस्टर तक फैला हो सकता है। यह तय करना आवेदन से पहले की सबसे ज़रूरी योजना है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन के बाद इसे बदलना आसान नहीं होता।
7. मॉडल बाय-लॉज़ की तीन हस्ताक्षरित प्रतियां
CM-PACS के लिए नए बाय-लॉज़ नहीं लिखने पड़ते, RCS हरियाणा के मॉडल बाय-लॉज़ (मेमो नंबर PA/RCS/225-275) ही अपनाने होते हैं। नियम 6 के मुताबिक इनकी तीन प्रतियां आवेदन के साथ लगती हैं, और हर प्रति पर कम से कम दो आवेदकों के हस्ताक्षर ज़रूरी हैं।
8. प्रस्तावित प्रबंधन समिति के नाम
समिति चलाने के लिए 7 से 21 सदस्यों वाली एक निर्वाचित प्रबंधन कमेटी बनानी होती है, जिसमें अनुसूचित जाति, महिलाओं और पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 28 के तहत सुनिश्चित करना अनिवार्य है। शुरुआती आवेदन के वक्त इन संभावित सदस्यों पर सैद्धांतिक सहमति बना लेना आगे का काम आसान करता है।
9. प्रवेश शुल्क और शेयर पूंजी की व्यवस्था
मंज़ूरी के बाद हर सदस्य को ₹1,000 प्रवेश शुल्क (non-refundable) और ₹1,000 के एक शेयर की रकम जमा करनी होती है। शुरुआती पूंजी की यह व्यवस्था पहले से सोचकर रखना बेहतर रहता है, ताकि रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद काम शुरू करने में देरी न हो।
10. ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए संपर्क जानकारी
पूरी प्रक्रिया अब cooponline.rcsharyana.gov.in पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन होती है, इसलिए आवेदकों में से किसी एक का मोबाइल नंबर और ईमेल तैयार रखना चाहिए, क्योंकि पोर्टल पर पहले खुद को रजिस्टर करना पड़ता है, और आगे की सारी चिट्ठी-पत्री उसी संपर्क पर होती है।
निष्कर्ष
ऊपर की सूची में कोई भी चीज़ अकेले में मुश्किल नहीं है, लेकिन जब यह सारी तैयारी आवेदन जमा करने से पहले पूरी हो चुकी होती है, तो इंस्पेक्टर वेरिफिकेशन से लेकर रजिस्ट्रार की मंज़ूरी तक का सफर काफी तेज़ हो जाता है।
स्रोत सूची (Source List)
- Sahakar Watch — CM-PACS क्या है? हरियाणा की नई सहकारी समिति की जानकारी
- Sahakar Watch — हरियाणा में CM-PACS रजिस्टर कैसे करें?
- हरियाणा सहकारी सोसाइटी नियम, 1989 — नियम 4, 6
- हरियाणा सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1984 — धारा 7
- cooponline.rcsharyana.gov.in — रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, हरियाणा का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल
- Dainik Tribune — प्रदेश में बनेंगी 500 CM-PACS (न्यूनतम 11 सदस्य अनिवार्य)











