हरियाणा में मुनाफे में चल रही PACS की संख्या 33 से बढ़कर 51 हो गई है, और राज्य की सभी 710 PACS का कम्प्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य सहकारिता विकास समिति (State Cooperative Development Committee — SCDC) की बैठक में सामने आई, जिसकी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति हरियाणा सरकार के सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग ने 3 सितंबर 2026 को जारी की।
यह अपडेट खास तौर पर इसलिए मायने रखता है क्योंकि Sahakar Watch ने बजट दस्तावेज़ों के आधार पर पहले बताया था कि राज्य की 804 PACS में से सिर्फ 33 ही मुनाफे में हैं। अब यह आंकड़ा 51 पर पहुंच गया है — यानी करीब दो महीनों में 18 और PACS मुनाफे में आईं। हालांकि, मुख्य सचिव ने अधिकारियों को 31 मार्च 2027 तक कम से कम 100 और PACS को मुनाफे में लाने का लक्ष्य दिया है, जिसका मतलब है कि तब तक भी कुल 804 में से करीब 151 PACS ही मुनाफे में होंगी — यानी लगभग पांचवां हिस्सा।
कम्प्यूटरीकरण पूरा — सभी 710 PACS अब e-PACS सिस्टम पर
बैठक में बताया गया कि पहले चरण में चिन्हित सभी 710 PACS ने 7 अगस्त 2026 तक अपनी डे-एंड प्रक्रिया (day-end process) पूरी कर ली है और अब e-PACS सिस्टम पर आ चुकी हैं। इनमें से 708 PACS का ऑनलाइन ऑडिट भी पूरा हो चुका है। यह उसी दिशा में एक कदम आगे है जिसका ज़िक्र दिसंबर 2024 में तत्कालीन मुख्य सचिव विवेक जोशी की अध्यक्षता में हुई इसी समिति की बैठक में भी हुआ था, जब यही 710 PACS कम्प्यूटरीकरण के लिए चिन्हित की गई थीं। यानी लक्ष्य तय होने से पूरी तरह लागू होने तक करीब डेढ़ साल का वक्त लगा।
Common Service Centre: 410 से बढ़कर 515 PACS डिजिटल सेवाओं से जुड़ीं
सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव के मुताबिक, Common Service Centre (CSC) के तौर पर काम कर रही PACS की संख्या 410 से बढ़कर 515 हो गई है। तुलना के लिए, दिसंबर 2024 की बैठक में यह आंकड़ा 433 पंजीकृत और सिर्फ 202 चालू (operational) CSC का था — यानी “पंजीकृत” और “वास्तव में काम कर रही” संख्या के बीच का फासला अब भी एक अहम सवाल बना हुआ है, भले ही कुल आंकड़ा बढ़ा हो। बैठक में जन औषधि केंद्र चला रही PACS को लेकर आ रही दिक्कतों पर भी चर्चा हुई, और मुख्य सचिव ने ऐसी सभी PACS के साथ अलग से बैठक कर समस्याएं सुलझाने का सुझाव दिया।
अनाज भंडारण: 55 जगहों पर 3.06 लाख मीट्रिक टन क्षमता की योजना
समिति ने अनाज भंडारण योजना की भी समीक्षा की, जिसके तहत राज्य में 55 स्थान चिन्हित किए गए हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता करीब 3.06 लाख मीट्रिक टन होगी।
रोहतक का CCM बनेगा Cooperative College, Tribhuvan सहकारी विश्वविद्यालय से जुड़ाव
सहकारिता शिक्षा के मोर्चे पर, रोहतक स्थित Centre of Cooperative Management (CCM) को अब एक Cooperative College के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है — यह बात 2026-27 के बजट भाषण में भी शामिल थी। इसका मकसद इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर कर इसे राष्ट्रीय स्तर की Tribhuvan सहकारी विश्वविद्यालय से जोड़ना है, जो सहकारिता क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास के लिए बनाई गई देश की पहली राष्ट्रीय सहकारी यूनिवर्सिटी है।
Comprehensive State Cooperation Policy अभी ड्राफ्ट चरण में
बैठक में हरियाणा की Comprehensive State Cooperation Policy पर भी प्रगति देखी गई। इसके लिए एक कमेटी बन चुकी है, संबंधित संस्थाओं और हितधारकों से सुझाव लिए जा चुके हैं, और मसौदा नीति फिलहाल प्रशासनिक मंज़ूरी के लिए विचाराधीन है — यानी यह अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है।
HARCO Bank, DCCB और अन्य विषय
बैठक में HARCO Bank और ज़िला सहकारी केंद्रीय बैंकों (DCCB) की वित्तीय स्थिति, सहकारी बीमा पहल, PACS के ज़रिए खाद से जुड़ी गतिविधियां और सहकारी क्षेत्र को मज़बूत करने के अन्य उपायों पर भी चर्चा हुई। HARCO Bank में खाली पदों को लेकर Sahakar Watch पहले भी विधानसभा के जवाबों के आधार पर विस्तार से लिख चुका है, जहां सहकारी बैंकों में करीब 90% तक पद खाली पाए गए थे।
आलू की Tissue Culture यूनिट: BBSSL के ज़रिए नया प्रस्ताव
बैठक में यह भी बताया गया कि सहकारिता मंत्रालय ने Bharatiya Beej Sahakari Samiti Limited (BBSSL) के ज़रिए हरियाणा में एक Potato Tissue Culture Facility का प्रस्ताव रखा है। विकास एवं पंचायत विभाग इसके लिए किसी उपयुक्त आलू उत्पादक क्षेत्र में करीब 50 एकड़ सटी हुई ज़मीन चिन्हित करने पर सहमत हुआ है। इस सुविधा का मकसद किसानों को रोग-मुक्त, बेहतर गुणवत्ता वाली आलू रोपण सामग्री उपलब्ध कराना, उत्पादकता बढ़ाना और कृषि विकास को मज़बूत करना है — साथ ही इससे रोज़गार के अवसर भी बनने की उम्मीद जताई गई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, यह बैठक हरियाणा के सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल और संस्थागत मोर्चे पर हुई वास्तविक प्रगति दिखाती है — खासकर कम्प्यूटरीकरण और CSC एकीकरण के आंकड़ों में। लेकिन मुनाफे वाली PACS का आंकड़ा (51, यानी कुल 804 में से करीब 6%) और मार्च 2027 तक का लक्ष्य (151, यानी करीब 19%) यह भी बताता है कि ज़्यादातर PACS को घाटे से मुनाफे तक लाने का सफर अभी लंबा है। Comprehensive State Cooperation Policy जैसी बड़ी नीतियां भी अभी मसौदा चरण में ही हैं, इसलिए इनका असल असर आने वाले महीनों में मंज़ूरी और लागू होने के बाद ही आंका जा सकेगा।
स्रोत सूची (Source List)
- हरियाणा सरकार, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग — आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (3 सितंबर 2026)
- The Tribune — 710 Primary Agricultural Credit Societies digitised in state (दिसंबर 2024, पृष्ठभूमि संदर्भ)
- Ministry of Cooperation — Tribhuvan सहकारी विश्वविद्यालय
- Sahakar Watch — हरियाणा में CM-PACS और नई सुविधाओं की घोषणाएं, 804 में से सिर्फ 33 PACS मुनाफे में
- Sahakar Watch — हरियाणा के सहकारी बैंकों में खाली पद 90% तक











