हरियाणा में हर सहकारी समिति की खबर में एक नाम बार-बार आता है — RCS (Registrar, Cooperative Societies)। लेकिन RCS असल में एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरा प्रशासनिक ढांचा है, जिसमें कई स्तर होते हैं। यह लेख हरियाणा सहकारी समिति अधिनियम 1984 के आधार पर यह समझाता है कि RCS, DRCS और ARCS में क्या फर्क है और इनकी शक्तियां कहां से आती हैं।
RCS की कानूनी बुनियाद
अधिनियम की धारा 3 राज्य सरकार को एक “रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां” नियुक्त करने और उसकी शक्तियां अधीनस्थ अधिकारियों को सौंपने (delegate) का अधिकार देती है। इसी प्रावधान के आधार पर हरियाणा में एक पूरा पदानुक्रम (hierarchy) बना है — रजिस्ट्रार से लेकर सहायक रजिस्ट्रार तक — ताकि राज्य की हजारों समितियों का व्यावहारिक प्रबंधन संभव हो सके।
पदानुक्रम — कौन क्या करता है?
- रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, हरियाणा (RCS): राज्य स्तर पर सर्वोच्च अधिकारी, जो सहकारिता विभाग के प्रशासनिक ढांचे का नेतृत्व करते हैं। हरियाणा सहकारिता विभाग की “Who’s Who” सूची के अनुसार यह पद वर्तमान में एक IAS अधिकारी के पास है — पूरी अद्यतन सूची विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है (पदाधिकारी समय-समय पर बदलते रहते हैं)।
- अतिरिक्त रजिस्ट्रार (Additional Registrar): RCS के ठीक नीचे, विशेष विषयों या क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालते हैं — हरियाणा में वर्तमान में इस पद पर एक से अधिक अधिकारी कार्यरत हैं।
- संयुक्त रजिस्ट्रार (Joint Registrar): मंडल या विषय-स्तर पर पर्यवेक्षण करते हैं।
- उप रजिस्ट्रार (Deputy Registrar / DRCS): आमतौर पर जिला या मंडल स्तर पर कार्यरत, ARCS के काम की निगरानी और अपील सुनने का काम करते हैं।
- सहायक रजिस्ट्रार (Assistant Registrar / ARCS): सबसे व्यावहारिक स्तर — हरियाणा में 32 ARCS कार्यालय हैं (जैसे ARCS Sirsa, ARCS Kurukshetra, ARCS Rohtak, ARCS Panchkula आदि), जो सीधे नई समितियों के पंजीकरण आवेदन, शिकायतें और रोजमर्रा के मामले संभालते हैं।
ARCS की शक्तियां — व्यवहार में सबसे महत्वपूर्ण स्तर
आम सदस्य या समिति सचिव के लिए सबसे ज्यादा संपर्क ARCS स्तर पर ही होता है, क्योंकि नई समिति के पंजीकरण आवेदन सीधे ARCS के पास पहुंचते हैं, जो उन्हें भौतिक सत्यापन के लिए इंस्पेक्टर को भेजते हैं और अंतिम मंजूरी या अस्वीकृति भी वही देते हैं। इसी तरह, अधिनियम की धारा 96 के तहत सदस्यों और समिति के बीच विवाद भी अक्सर सबसे पहले ARCS स्तर पर ही रेफर होते हैं।
ऑनलाइन सेवाएं
RCS हरियाणा की सभी व्यावहारिक सेवाएं — नया पंजीकरण, शेयर ट्रांसफर, स्टेटस चेक — अब cooponline.rcsharyana.gov.in पोर्टल के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध हैं। 4 सितंबर 2026 को देखे गए लाइव डैशबोर्ड के मुताबिक पोर्टल के जरिए अब तक 9,027 समितियां पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से मंजूर हो चुकी हैं।
नेविगेशनल सवाल — RCS और CRCS में फर्क
ध्यान रहे कि “RCS” (राज्य स्तर का रजिस्ट्रार) और “CRCS” (Central Registrar of Cooperative Societies, केंद्र सरकार के अधीन बहु-राज्यीय सहकारी समितियों — Multi-State Cooperative Societies — के लिए) दो अलग संस्थाएं हैं। हरियाणा की ज्यादातर स्थानीय समितियां (PACS, CM-PACS, दुग्ध समिति आदि) राज्य के RCS के अधीन आती हैं, न कि केंद्रीय CRCS के।
स्रोत सूची (Source List)
- हरियाणा सहकारिता विभाग — Who’s Who (अधिकारियों की सूची, 4 सितंबर 2026 को देखा गया)
- FAO LEX — Haryana Co-operative Societies Act, 1984 (धारा 3, 96)
- RCS Haryana — आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल
- Central Registrar of Cooperative Societies — State Registrar Directory
- Sahakar Watch — हरियाणा सहकारी समिति अधिनियम 1984: पूरी गाइड
- Sahakar Watch — पंजीकरण की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया












