हरियाणा में अब नई सहकारी समिति (कोऑपरेटिव सोसाइटी) का पंजीकरण पूरी तरह ऑनलाइन होता है — cooponline.rcsharyana.gov.in पोर्टल के जरिए। यह पोर्टल 6 जुलाई 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यमुनानगर के तेजली स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के मौके पर लॉन्च किया था। यह गाइड हरियाणा सहकारी समिति अधिनियम 1984 के प्रावधानों और पोर्टल की मौजूदा (4 सितंबर 2026 को देखी गई) वास्तविक कार्यप्रणाली — दोनों को मिलाकर स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया समझाता है। ध्यान दें: यह गाइड CM-PACS के लिए नहीं, बल्कि सामान्य (generic) सहकारी समिति पंजीकरण के लिए है — हाउस बिल्डिंग, ग्रुप हाउसिंग और अन्य श्रेणियों की समितियां भी इसी प्रक्रिया से गुजरती हैं।
पात्रता — कितने सदस्य चाहिए?
अधिनियम की धारा 5 के अनुसार किसी भी सहकारी समिति के पंजीकरण के लिए न्यूनतम 10 वयस्क सदस्य चाहिए (कुछ विशेष सरकारी योजनाओं में यह सीमा 5 तक भी हो सकती है)। हर सदस्य को समिति के बाय-लॉज़ के अनुसार न्यूनतम शेयर पूंजी में योगदान देना होता है।
ऑनलाइन पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया
पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया वर्कफ़्लो और भूमिका-आधारित (role-based) है, यानी आवेदन अलग-अलग अधिकारियों के पास क्रमशः जाता है:
- सेल्फ-साइनअप / रजिस्ट्रेशन: आवेदक cooponline.rcsharyana.gov.in पर खुद को रजिस्टर करता है और अपने क्षेत्र के संबंधित सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां (ARCS) को चुनता है — हरियाणा में कुल 32 ARCS कार्यालय हैं (जैसे ARCS Sirsa, ARCS Kurukshetra, ARCS Rohtak आदि)।
- समिति का प्रकार चुनना: House Building, Group Housing या अन्य श्रेणी में से समिति का प्रकार चुना जाता है।
- फॉर्म भरना और अपलोड करना: संबंधित फॉर्म पोर्टल पर भरा जाता है, उसकी PDF डाउनलोड होती है, हस्ताक्षर करने के बाद उसे वापस अपलोड करना होता है।
- बाय-लॉज़ अपलोड: प्रस्तावित बाय-लॉज़ को स्कैन करके अपलोड करना अनिवार्य है।
- ARCS स्तर पर समीक्षा: आवेदन संबंधित ARCS के पास पहुंचता है, जो उसे भौतिक सत्यापन (physical verification) के लिए इंस्पेक्टर को भेजते हैं।
- इंस्पेक्टर सत्यापन: इंस्पेक्टर सत्यापन के बाद रिपोर्ट वापस ARCS को भेजता है।
- अंतिम निर्णय: ARCS आवेदन को अंतिम रूप से मंजूर या अस्वीकार करते हैं। मंजूरी मिलने पर सदस्यों की फोटो और पंजीकरण प्रमाणपत्र स्वतः तैयार होता है, और आवेदक को ईमेल व SMS से सूचना मिलती है।
समयसीमा — “1 महीने में जवाब नहीं तो मंजूर माना जाएगा”
अधिनियम की धारा 8 के तहत अगर सहायक रजिस्ट्रार किसी आवेदन को एक महीने के भीतर स्वीकार या अस्वीकार करने का फैसला नहीं लेते, तो कानूनी तौर पर उस आवेदन को स्वतः स्वीकृत (deemed accepted) माना जाता है। यह प्रावधान आवेदकों को अनिश्चितकालीन देरी से बचाने के लिए है, हालांकि अगर आवेदन अस्वीकार होता है तो कारण सहित एक महीने के भीतर सूचना देना अनिवार्य है।
मौजूदा पंजीकरण की स्थिति — पोर्टल के लाइव आंकड़े (4 सितंबर 2026)
RCS हरियाणा के लाइव Performance Dashboard के मुताबिक, राज्य में (डेयरी समितियों को छोड़कर) कुल 27,753 पंजीकृत समितियां हैं, जिनमें से 9,027 पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से मंजूर हुई हैं और 10,564 वर्तमान में कार्यरत (working) हैं। इस समय नए पंजीकरण के लिए 9,527 ऑनलाइन आवेदन दर्ज हैं, जिनमें से 20 ARCS स्तर पर और 9 इंस्पेक्टर स्तर पर मंजूरी के लिए लंबित हैं — यानी ज्यादातर आवेदन प्रक्रिया में अपेक्षाकृत जल्दी आगे बढ़ते हैं। यह आंकड़े दिखाते हैं कि पोर्टल सक्रिय रूप से काम कर रहा है, हालांकि 7,947 समितियां “अंडर-विंडअप” (बंद होने की प्रक्रिया में) भी दर्ज हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- पंजीकरण के बाद हर समिति को लॉगिन ID और पासवर्ड मिलता है, जिससे वह भविष्य में अपनी जानकारी अपडेट कर सकती है।
- पहले से पंजीकृत (“legacy”) समितियां भी इसी पोर्टल पर अपने रिकॉर्ड अपडेट कर सकती हैं।
- पंजीकरण के बाद आवेदन/शिकायत की स्थिति पोर्टल के “Status Enquiry” सेक्शन में ARCS और सोसाइटी रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर चेक की जा सकती है — इस पर हमारी अलग गाइड यहां पढ़ें।
- पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज़ों की पूरी चेकलिस्ट — फॉर्म से लेकर बाय-लॉज़ तक — हमने अलग लेख में विस्तार से दी है।
स्रोत सूची (Source List)
- RCS Haryana — आधिकारिक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल (लाइव डैशबोर्ड, 4 सितंबर 2026 को देखा गया)
- NIC Informatics News — पोर्टल लॉन्च की खबर (6 जुलाई 2019, यमुनानगर)
- FAO LEX — Haryana Co-operative Societies Act, 1984 (धारा 5, 7, 8)
- हरियाणा सहकारिता विभाग — आधिकारिक वेबसाइट
- Sahakar Watch — हरियाणा सहकारी समिति अधिनियम 1984: पूरी गाइड












