हरियाणा में सहकारी हाउसिंग सोसाइटी में किसी फ्लैट/प्लॉट के शेयर का ट्रांसफर — यानी मालिकाना हक एक सदस्य से दूसरे को बदलना — अब cooponline.rcsharyana.gov.in पोर्टल के जरिए ऑनलाइन होता है। यह सुविधा 6 जुलाई 2019 को पंजीकरण पोर्टल के साथ ही लॉन्च की गई थी, खासतौर पर फर्जी दस्तावेज़ों और धोखाधड़ी वाले शेयर ट्रांसफर को रोकने के मकसद से।
शेयर ट्रांसफर पर कानूनी शर्तें (धारा 22)
अधिनियम की धारा 22 के मुताबिक किसी सदस्य को अपने शेयर ट्रांसफर करने से पहले न्यूनतम 2 साल की सदस्यता अवधि पूरी करनी होती है (कुछ अपवादों को छोड़कर)। ट्रांसफर के लिए समिति की मंजूरी जरूरी है — यह किसी सदस्य का स्वतः अधिकार नहीं, बल्कि समिति की बाय-लॉज़ के अनुरूप एक स्वीकृति-आधारित प्रक्रिया है।
पोर्टल पर दो रास्ते — DSC सहित और बिना DSC
RCS हरियाणा के लाइव डैशबोर्ड (4 सितंबर 2026 को देखा गया) के मुताबिक पोर्टल पर अब तक 13,886 शेयर ट्रांसफर आवेदन “बिना DSC (Digital Signature Certificate) के” मंजूर हो चुके हैं, जबकि 111 आवेदन लंबित दिखाए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि पोर्टल पर शेयर ट्रांसफर के लिए दो रास्ते मौजूद हैं — एक जिसमें डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल होता है, और एक सरल प्रक्रिया जिसमें DSC अनिवार्य नहीं। सटीक चरण-दर-चरण प्रक्रिया पोर्टल के “How to apply for ShareTransfer” नामक आधिकारिक गाइड (होमपेज पर “What’s New” सेक्शन में उपलब्ध) में दी गई है, जिसे आवेदन से पहले जरूर देखना चाहिए क्योंकि पोर्टल के फॉर्म अपडेट होते रहते हैं।
सामान्य प्रक्रिया — किन बातों का ध्यान रखें
- समिति की सहमति जरूरी: ट्रांसफर से पहले समिति की प्रबंधन कमेटी की मंजूरी लेनी होती है।
- बकाया राशि की जांच: धारा 55 के तहत समिति के पास सदस्य के शेयर/जमा पर एक चार्ज (charge) होता है — अगर सदस्य पर समिति का कोई बकाया है, तो ट्रांसफर से पहले उसका निपटारा जरूरी हो सकता है।
- नॉमिनी बनाम ट्रांसफर: ध्यान रहे कि यह प्रक्रिया जीवित सदस्य द्वारा स्वेच्छा से शेयर ट्रांसफर करने के लिए है — किसी सदस्य की मृत्यु के बाद शेयर ट्रांसफर धारा 23 के तहत नॉमिनेशन या कानूनी उत्तराधिकार की अलग प्रक्रिया से होता है।
- दस्तावेज़ अपलोड: पोर्टल पर संबंधित फॉर्म भरकर, आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे मूल शेयर सर्टिफिकेट, पहचान प्रमाण, ट्रांसफरी की सहमति) स्कैन कर अपलोड करने होते हैं।
यह सुविधा क्यों जोड़ी गई?
2019 में पोर्टल लॉन्च के समय दिए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक इस ऑनलाइन शेयर ट्रांसफर सुविधा का मुख्य मकसद हाउसिंग सोसाइटी में होने वाले फर्जी शेयर ट्रांसफर और नकली दस्तावेज़ों की समस्या को रोकना था, क्योंकि पहले यह प्रक्रिया मैनुअल होने के कारण छेड़छाड़ के लिए ज्यादा खुली थी।
स्रोत सूची (Source List)
- RCS Haryana — आधिकारिक पोर्टल, लाइव डैशबोर्ड व “How to apply for ShareTransfer” गाइड (4 सितंबर 2026 को देखा गया)
- NIC Informatics News — शेयर ट्रांसफर सुविधा लॉन्च की खबर (6 जुलाई 2019)
- FAO LEX — Haryana Co-operative Societies Act, 1984 (धारा 22, 23, 55)
- Sahakar Watch — हरियाणा सहकारी समिति अधिनियम 1984: पूरी गाइड
- Sahakar Watch — पंजीकरण की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया












