नई सहकारी समितियां जो कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, उनके लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की “युवा सहकार” योजना एक बड़ा मौका है। इसमें आवेदन करने की पात्रता सिर्फ पंजीकृत सहकारी समितियों तक सीमित है — कोई व्यक्तिगत उद्यमी या निजी फर्म इसमें सीधे आवेदन नहीं कर सकती।
योजना की शुरुआत
14 नवंबर 2018 को शुरू की गई इस योजना के तहत “कोऑपरेटिव स्टार्ट-अप एंड इनोवेशन फंड” (CSIF) के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसका मकसद सहकारी क्षेत्र में नवाचार और नए उद्यमों को बढ़ावा देना है।
कौन आवेदन कर सकता है
आवेदक सहकारी समिति का कम से कम एक साल से पंजीकृत और सक्रिय होना जरूरी है। महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांगजनों द्वारा प्रवर्तित सहकारी समितियों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। पूर्वोत्तर राज्यों और नीति आयोग द्वारा चिन्हित आकांक्षी जिलों की सहकारी समितियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है।
ऋण और सब्सिडी की शर्तें
विशेष श्रेणी की सहकारी समितियों को परियोजना लागत का 80 प्रतिशत तक और सामान्य श्रेणी को 70 प्रतिशत तक ऋण मिल सकता है, जो 3 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर लागू होता है। मानक ब्याज दर पर 2 प्रतिशत की छूट दी जाती है, और समय पर किस्त चुकाने वाली समितियों को अतिरिक्त 2 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलता है। ऋण की अवधि 5 साल तक हो सकती है, जिसमें मूलधन चुकाने पर 2 साल की मोहलत शामिल है।
किन क्षेत्रों में मिलता है लाभ
कृषि, डेयरी, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन, कपास प्रसंस्करण, चीनी, आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी), परिवहन और स्वास्थ्य सेवा सहित कई क्षेत्रों की सहकारी समितियां इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
आवेदन कैसे करें
इच्छुक सहकारी समितियां NCDC की वेबसाइट www.ncdc.in के जरिए आवेदन जमा कर सकती हैं। आवेदन की जांच NCDC और कृषि मंत्रालय स्तर पर की जाती है, इसके बाद ही स्वीकृति मिलती है।
स्रोत एवं संदर्भ
- Testbook — “Yuva Sahakar Scheme: Features, Benefits and How to Apply”
- Indian Cooperative — “Yuva Sahakar boosts young entrepreneurs with Interest Subsidy”
- NCDC — आधिकारिक वेबसाइट (ncdc.in)
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