दलहन और तिलहन की समर्थन मूल्य (MSP) खरीद में निजी व्यापारियों की कोई सीधी भूमिका नहीं होती — यह काम सिर्फ सरकार द्वारा अधिकृत सहकारी संघों को सौंपा जाता है। भारतीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) ही इसकी मुख्य एजेंसियां हैं।
चार राज्यों में ताजा मंजूरी
18 जून 2026 को केंद्रीय मंत्री ने तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत खरीद को मंजूरी दी। इनमें उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा लाभ मिला — यहां मूंग की 48,298 मीट्रिक टन, उड़द की 97,970 मीट्रिक टन और मूंगफली की 41,718 मीट्रिक टन खरीद को स्वीकृति दी गई, जिसका कुल MSP मूल्य 1,490 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पूरी खरीद प्रक्रिया NAFED और NCCF के जरिए ही संचालित होती है।
निजी क्षेत्र क्यों बाहर है
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने “प्राइवेट प्रोक्योरमेंट एंड स्टॉकिस्ट स्कीम” (PPSS) को पहले ही समाप्त कर दिया था, जिसके तहत निजी खिलाड़ियों को MSP खरीद में शामिल करने की कोशिश की गई थी। राज्यों के सीमित समर्थन और परिचालन संबंधी दिक्कतों के चलते यह योजना बंद कर दी गई, जिससे MSP खरीद अब पूरी तरह सरकारी और सहकारी ढांचे तक ही सीमित है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के साथ मिलकर NAFED PSS संचालन संभालता है।
किसान पंजीकरण भी सहकारी माध्यम से
खरीफ बुवाई सीजन से पहले किसानों का पूर्व-पंजीकरण भी NAFED और NCCF के पोर्टल के जरिए ही होता है। जुलाई 2024 के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में हजारों किसानों ने उड़द के लिए पंजीकरण कराया था, जिससे बुवाई रकबा पिछले साल के 3.67 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.37 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया।
सहकारी समितियों के लिए मौका
चूंकि यह पूरा खरीद ढांचा सहकारी संघों के जरिए ही चलता है, राज्य सहकारी विपणन संघ और पंजीकृत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां खरीद केंद्र के तौर पर काम करने के लिए NAFED-NCCF से जुड़ सकती हैं। इच्छुक समितियां अपने राज्य सहकारिता विभाग के जरिए इस प्रक्रिया की जानकारी ले सकती हैं।
स्रोत एवं संदर्भ
- Manorama Yearbook — “Govt to procure pulses, oilseeds under Price Support Scheme in four states”
- Believers IAS Academy — “No private sector’s involvement in crop procurement under MSP”
- Indian Cooperative — “Dalhan: Pre-registration through NAFED-NCCF gains momentum”
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